शिव की बनी रहे आप पर छाया,
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया |
मिले आपको वो सब अपनी इस ज़िन्दगी में,
जो कभी किसी ने भी ना पाया ||
Bhole Ka Parssad New Bhole Haryanvi Song 2019
Bhole Ka Parssad New Bhole Haryanvi Song 2019
ज्योतिर्लिंग
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स्थान
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पशुपतिनाथ
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नेपाल की राजधानी काठमांडू
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सोमनाथ
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सोमनाथ मंदिर, सौराष्ट्र क्षेत्र, गुजरात
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महाकालेश्वर
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श्री महाकाल, महाकालेश्वर, उज्जयिनी (उज्जैन)
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ॐकारेश्वर
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ॐकारेश्वर अथवा ममलेश्वर, ॐकारेश्वर
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केदारनाथ
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केदारनाथ मन्दिर, रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड
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भीमाशंकर
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भीमाशंकर मंदिर, निकट पुणे, महाराष्ट्र
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विश्वनाथ
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काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
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त्र्यम्बकेश्वर मन्दिर
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त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मन्दिर, नासिक, महाराष्ट्र
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रामेश्वरम
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रामेश्वरम मंदिर, रामनाथपुरम, तमिल नाडु
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घृष्णेश्वर
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घृष्णेश्वर मन्दिर, वेरुळ, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
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बैद्यनाथ
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परळी वैजनाथ बीड महाराष्ट्र एवम् देवघर झारखण्ड
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नागेश्वर
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औंढा नागनाथ महाराष्ट्र
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नागेश्वर मन्दिर
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द्वारका, गुजरात
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श्रीशैलम
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आंध्र प्रदेश
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श्री केदार
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नेपाल कालान्जर वनखण्ड
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रौला केदार
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नेपाल कालान्जर वनखण्ड
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ध्वज केदार
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नेपाल् कालान्जर वनखण्ड
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अशिम केदार
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नेपाल् कालान्जर वनखण्ड
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कैलास पर्वत
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तिब्बत
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हिन्दू धर्म में महादेव, त्रिदेवों में सबसे महत्वपूर्ण देवता हैं जो भोलेनाथ, महादेव, शिव शंकर, नीलकंठ, महेश, रुद्र, गंगाधार, महाकाल इत्यादि सैकड़ों नामों से जाने जाते हैं। पुरे विश्व में भोले बाबा के लाखों भक्त आज भी मौजूद हैं। हिन्दू शिव घर्म शिव-धर्म के प्रमुख देवताओं में से हैं। वेद में इनका नाम रुद्र है। यह व्यक्ति की चेतना के अन्तर्यामी हैं। ये देवों के भी देव महादेव हैं, जो की कैलाश पर्वत पर अपनी अर्धांगिनी (शक्ति) माता पार्वती और अपने दोनों पुत्रों गणेश और कार्तिके के साथ निवास करते हैं।
Lavthavti Vikrala - Marathi Devotional Aarti
हिन्दू धर्म में भगवान शिव को अनेक नामों से पुकारा जाता है...
- रूद्र
- पशुपतिनाथ
- अर्धनारीश्वर
- महादेव
- भोलेनाथ
- लिंगम
- नटराज
- महाकाल
Lord Shiva Most Powerful Namaskaratha Mantra
भोले शंकर का आशीर्वाद मिले,
उनकी दया का प्रसाद मिले |
आप पायें जीवन में सफलता,
आपको भोले शंकर का वरदान मिले ||
शिव या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चल कर सनातन शिव धर्म नाम से जाने जाती है में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इनकी अर्धांगिनी (शक्ति) का नाम पार्वती है। इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं, तथा पुत्री अशोक सुंदरी हैं।
ना जीने की खुशी, ना मौत का गम,
जब तक हैं दम, महादेव के भक्त रहेंगे हम।
शिव अधिक्तर चित्रों में योगी के रूप में देखे जाते हैं और उनकी पूजा शिवलिंग तथा मूर्ति दोनों रूपों में की जाती है। शिव के गले में नाग देवता विराजित हैं और हाथों में डमरू और त्रिशूल लिए हुए हैं। कैलाश में उनका वास है। यह शैव मत के आधार है। इस मत में शिव के साथ शक्ति सर्व रूप में पूजित है। शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है। लोग कहते हैं– शिव, शंकर, भोलेनाथ। इस तरह अनजाने ही कई लोग शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम बताते हैं। असल में, दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति की हैं। शंकर को हमेशा तपस्वी रूप में दिखाया जाता है। कई जगह तो शंकर को शिवलिंग का ध्यान करते हुए दिखाया गया है। अत: शिव और शंकर दो अलग अलग सत्ताएं है। हालांकि शंकर को भी शिवरूप माना गया है।
सर उठा के चलते हैं, महादेव की महेरबानी हैं,
माना जाता है कि महेष (नंदी) और महाकाल भगवान शंकर के द्वारपाल हैं। रुद्र देवता शंकर की पंचायत के सदस्य हैं। देवताओं की दैत्यों से प्रतिस्पर्धा चलती रहती थी। ऐसे में जब भी देवताओं पर घोर संकट आता था तो वे सभी देवाधिदेव महादेव के पास जाते थे। दैत्यों, राक्षसों सहित देवताओं ने भी शिव को कई बार चुनौती दी, लेकिन वे सभी परास्त होकर शिव के समक्ष झुक गए इसीलिए शिव हैं देवों के देव महादेव।
वे दैत्यों, दानवों और भूतों के भी प्रिय भगवान हैं। वे राम को भी वरदान देते हैं और रावण को भी। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधार आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।
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वे दैत्यों, दानवों और भूतों के भी प्रिय भगवान हैं। वे राम को भी वरदान देते हैं और रावण को भी। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधार आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।
भोले हैं सबका दाता भोले ही भाग्यविधाता,
जब कोई काम नहीं आता तो शंभू साथ निभाता
आंसुओं को कभी आंखों में भरने नहीं देता,
चेहरे पर कभी दर्द उभरने नहीं देता,
इतना दयालु है मेरा महादेव,
मैं टूट भी जाऊं तो मुझे बिखरने नहीं देता!!
हर-हर महादेव
महादेव के बारे में
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निवासस्थान
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कैलाश पर्वत
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जीवनसाथी
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पार्वती
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मंत्र
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ॐ नमः शिवाय
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बच्चे
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कार्तिकेय ,गणेश
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अस्त्र
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त्रिशूल, पिनाक धनुष,डमरु
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सवारी
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नंदी
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अन्य नाम
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नीलकंठ,महादेव, शंकर,पशुपतिनाथ,गंगाधर,नटराज, त्रिनेत्र,भोलेनाथ,रुद्रशिव,कैलाशी
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